भारत में मौजूद एक ऐसा राज्य जो भारत की संस्कृति, इतिहास और इसकी सुंदरता को भली-भांति परिभाषित करता है। इसके साथ ही भारत के इस राज्य में बहुत से संतों, ज्ञानियों और अलग-अलग संस्कृतियों का गढ़ रहा है और भीमराव अंबेडकर जैसे महानायक और जवाहरलाल नेहरू जैसे शख्सियत का जन्म स्थान भी यह राज्य रहा है, जिन्होंने भारत की दशा और दिशा दोनो को ही बदलकर रख दिया है और साथ ही लोगों में एक अलग उत्साह को जागृत किया है। उस राज्य का नाम है उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के इतिहास में अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों का उल्लेख मिलता है जहां रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य लोगों में प्रचलित है। यहां पर अलग-अलग धर्म के लोग जैसे कि हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख, ईसाई, बौद्ध इत्यादि धर्म के लोग बिना किसी धार्मिक भेदभाव के एक साथ मिलकर रहते हैं जो भारत की एक अद्भुत छवि को दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश में बहोत सी संस्कृतियों के कारण यहां ऐसे विभिन्न स्मारक हैं, जिनमें से प्रमुख पर्यटक स्थलों में ताजमहल (दुनिया का सातवां अजूबा) और सारनाथ (UNESCO World Heritage Site) जैसे लोकप्रिय स्मारक हैं। इसके अलावा यहां पर हजारों साल पुरानी संरचनाएं हैं जोकि पहले के संस्कृतियों की एक झलक को प्रदर्शित करते हैं। साथ ही यहांपर वाराणसी जैसे अद्भुत शहर हैं जिसकी अपनी एक अलग ही महिमा लोगों में है। वाराणसी में मौजूद 88 घाट और गंगा नदी लोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हिंदुओं के लिए यह एक पवित्र स्थल भी है। उत्तर प्रदेश में मौजूद प्रयागराज भी एक ऐसा स्थल है जहां दुनिया का सबसे बड़ा कुंभ मेला लगता है जो 12 साल में सिर्फ एक बार आयोजित होता है।

अगर आप भी इस राज्य के बारे में और जानना चाहते हैं तो आपको यहां एक बार जरूर आना चाहिए, जहां इसकी संस्कृति से आप भली-भांति रूबरू ही नहीं होंगे बल्कि इसका एक अभिन्न हिस्सा भी बनेंगे। इसके अलावा यहां के अलग-अलग मौसम भी आपको हर एक तरह से प्रभावित करेंगे। यदि आप उत्तर प्रदेश के बारे में और जानने के इच्छुक हैं, तो इस लेख को पूरा पढ़िए। यहां पर हमने उत्तर प्रदेश के प्राचीन इतिहास से लेकर संस्कृति, धर्म, स्मारकों, लोकप्रिय स्थानों, प्रसिद्ध भोजन और लोकप्रिय त्योहारों के बारे में संक्षिप्त रूप में भी वर्णन किया है।
मौसम
उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रकार के मौसम उदाहरण के लिए: आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, गर्म ग्रीष्मकाल और हल्के से ठंडे सर्दियों के मौसम आपको हर एक तरीके से प्रभावित करेंगे क्योंकि मौसम के बदलने के साथ-साथ यहां का रहन-सहन, पहनावा और खानपान भी बदलता रहता है। अगर हम गर्मियों के महीने (अप्रैल से जुलाई) की बात करें तो यहां का तापमान लगभग 25°C (77°F) से 40°C (104°F) तक चला जाता है, साथ ही अगस्त से अक्टूबर के बीच वर्षा ऋतु भी होती है और इसके बाद दिसंबर से फरवरी के बीच सर्दी का मौसम कोहरे के साथ आकर यहां के मौसम को हसीन बना देता है। तो अगर आप यहां आने की सोच रहे हैं तो आप यहां किसी भी मौसम में आ सकते हैं मगर हल्की ठंडी व गर्मी के मौसम में जब बारिश की शुरुआत होने वाली हो तब यहां का मौसम घूमने के लिए काफी उत्तम होता है।
उत्तर प्रदेश का संक्षिप्त इतिहास
अगर हम उत्तर प्रदेश के इतिहास की बात करें तो यह उससे कही अधिक प्राचीन है। क्योंकि यह केवल नाम मात्र नहीं है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों, रीति-रिवाजों और सभ्यताओं का संगम है। अगर हम इसके इतिहास को परत दर परत खोलें तो इसमें कई सारी ऐसी बातें होंगी जो आपको हैरान कर देंगी! उत्तर प्रदेश भारत के उन ऐतिहासिक राज्यों की एक झलक मात्र है जो उत्तरी भारत में स्थित सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है और यह राज्य कई सभ्यताओं का गढ़ रह चुका है जिनमे मौर्य साम्राज्य, गुप्त साम्राज्य और मुगल साम्राज्य जैसे बीते हुए कल उत्तर प्रदेश के इतिहास में दफ्न मिलते हैं। और आज के समय में भी इन भूले बिसरे यादों की झलक यहां के स्मारकों और प्राचीन लेखों में दफ्न मिलती है। साथ ही तमाम बीते यादों की धार्मिक व सांस्कृतिक झलक यहां के लोगों में दिखती है। इसके अलावा यहां बौद्ध और हिंदू धर्म सहित कई सांस्कृतिक और धार्मिक तत्वों का उद्गम हुआ है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध सहित कई प्रकार के धार्मिक समूह एक साथ रहते हैं। लेकिन आज अगर हम भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य की बात करें तो उत्तर प्रदेश का नाम सबसे पहले आता है।
उत्तर प्रदेश की संस्कृति
उत्तर प्रदेश एक ऐसा सांस्कृतिक धरोहर है जिसमें विभिन्न प्रकार की संस्कृतियों, धर्मों और सभ्यताओं ने जन्म लिया और अपने अपने संस्कृतियों से भारत के इस राज्य की दशा और दिशा को एक नया नाम दिया है। इस राज्य की अपनी एक अलग ही संस्कृति है जिसमें बहोत तरह के धर्म, उनके तमाम रिवाज़ और त्योहार हैं। यहां के लोकप्रिय वेश भूषा की बात करें तो यहां हिंदू महिलाएं साड़ी/सलवार पहनती हैं और मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनती हैं, साथ ही बाकी लोग भी अपने संस्कृति और पसंद के अनुसार अपनी वेश भूषा का चयन करते हैं, जिनमे से कुछ लोग वेस्टर्न कल्चर से भी प्रभावित हैं। यूपी उत्तरी भारत के सबसे विविध और सबसे पुराने राज्यों में से एक है जहां हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, ब्रज, भोजपुरी, बुंदेलखंडी और अवधी सहित कई प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं। साथ ही यहां की संगीत, कला, साहित्य व संस्कृति की सुंदरता दुनिया के कोने कोने में विख्यात हैं और इस राज्य की विभिन्न परंपराएं और लोक नृत्य के पीछे अपना एक अलग उद्देश्य व मान्यताएं हैं जहां विभिन्न प्रकार के धार्मिक समूह एक दूसरे के साथ अपने त्योहार को खुशी खुशी मनाते हैं।
उत्तर प्रदेश के स्मारक
उत्तर प्रदेश सैकड़ों से हजारों साल पुराने स्मारकों का एक प्रमुख केंद्र है क्योंकि यहां के विभिन्न संस्कृतियों व सभ्यताओं के कारण उत्तर प्रदेश में ऐसे बहुत से स्मारक हैं जिनका अपना एक अलग ही इतिहास है और इन्हीं स्मारकों में आपको अलग-अलग सभ्यताओं के बीते हुए कल के निशान दिख जायेंगे। जिनमें से कुछ लोकप्रिय स्मारक आगरा का किला, ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, वाराणसी घाट, सारनाथ के स्मारक, इलाहाबाद का किला, काशी विश्वनाथ मंदिर हैं जहां इतिहास के कुछ पुराने पन्नों की झलक आपको यहां के स्मारकों में मिल जाएगी। साथ ही इस राज्य के गर्भ में कई सारी पुरानी संरचनाएं हैं जो हजारों साल तक पुरानी हैं और उनमें से कई स्मारक समय के साथ नष्ट हो गई हैं लेकिन उनके कुछ अवशेष आज अभी भी शेष हैं और लोगों में प्रासंगिक है। इसके अलावा हर एक स्मारक की अपनी एक अलग कहानी है, जिसके बारे में हम दूसरे लेख में बात करेंगे।
उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय त्यौहार
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत त्योहारों का केंद्र है और जब उत्तर प्रदेश की बात आती है तो यह एक ऐसा प्रदेश है जहां से बहुत सारे त्योहारों की उत्पत्ति हुई हैं क्योंकि यहां बहुत सारी संस्कृति, धर्म व रीति रिवाज हैं जिनमें से विभिन्न त्योहारों जैसे होली, दिवाली, रामनवमी, नवरात्रि, जन्माष्टमी, ईद-उल-फितर, दशहरा, क्रिसमस, छठ पूजा, महा शिवरात्रि इत्यादि की उत्पत्ति यहां हुई है।
उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय स्थान
संस्कृति से परिपूर्ण उत्तर प्रदेश की धरती पर ऐसे कई स्थान हैं जहां इस प्रदेश की सुंदरता के साथ-साथ सदियों से चली आ रही संस्कृति का अंश इन लोकप्रिय पर्यटक स्थलों में देखने को मिलता है, जिनमें से कुछ लोकप्रिय स्थान यह हैं-
आगरा
आगरा भारत के उन प्रसिद्ध स्थानों में से एक है जहां दुनिया के सात अजूबे स्थित हैं, इसे हम ताजमहल के नाम से जानते हैं जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है। ताजमहल संगमरमर से बना हुआ है और 1631 में इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल के लिए बनवाया था।
वाराणसी
जब हम प्राचीन स्थलों की बात करते हैं तो वाराणसी का नाम सबसे पहले आता है क्योंकि यह हिन्दुओं का धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है, जहाँ विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं और इस स्थान की अपनी धार्मिक मान्यताएँ हैं, जिन्हें इस एक लेख में समझाना संभव नहीं है।
लखनऊ
एक ऐसा शहर जो उत्तर प्रदेश की राजधानी होने के साथ साथ अपनी नवाबी संस्कृति और व्यंजनों के लिए भी लोगों के बीच लोकप्रिय है। अगर आप उत्तर प्रदेश आने की योजना बना रहे हैं तो आप इस शहर की भी यात्रा कर सकते हैं।
इलाहाबाद
एक प्रसिद्ध शहर जो अपने कुंभ मेले के लिए जाना जाता है, जहाँ तीन अलग-अलग नदियाँ गंगा, यमुना और सरस्वती एक साथ मिलती हैं। यहां का कुंभ मेला दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला और लोकप्रिय मेला है।
मथुरा
भगवान कृष्ण के नाम पर जाना जाने वाला शहर मथुरा भी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख स्थल है जहां शास्त्रों के अनुसार यहां कृष्ण का जन्मस्थान है। यहां आने का सबसे अच्छा समय जन्माष्टमी के अवसर पर है क्योंकि मथुरा में इसे भारत के बाकी स्थानों की तुलना में बहुत खूबसूरती से मनाया जाता है।
वृंदावन
वृंदावन भी एक ऐसी जगह है जो भगवान कृष्ण से जुड़ी हुई है और जन्माष्टमी के अवसर पर यहां का मनोरम दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।
खजुराहो
मध्य प्रदेश में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल जो आधिकारिक तौर पर अपने प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।
अयोध्या
अयोध्या हिंदुओं के लिए एक पवित्र शहर है क्योंकि उनका मानना है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और अब भारत सरकार भगवान राम को समर्पित एक भव्य मंदिर अयोध्या में बनवा रही है। अगर आप इस शहर में आने की सोच रहे हैं तो दिवाली का त्योहार सबसे बेहतर होगा क्योंकि उस समय दिवाली यहां बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और ऐसी भव्यता आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगी।
सारनाथ
प्राचीन स्मारकों से परिपूर्ण यह एक ऐसा शहर है जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था और इस जगह की सादगी को समझने के लिए विदेशों से काफी पर्यटक यहां आते हैं।
चित्रकूट
भारतीयों के भावनाओं से परिपूर्ण यह जगह हिंदुओं के लिए एक धार्मिक स्थान है जहां भगवान राम और उनकी पत्नी सीता ने निवास किया था।
नोएडा
उत्तर प्रदेश के प्राचीन संस्कृति के विपरीत यह एक ऐसा आधुनिक शहर है जहां बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल, लग्जरी लाइफस्टाइल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजन
जब व्यंजनों की बात आती है तो उत्तर प्रदेश का नाम उन जगहों में शुमार है जहां तमाम तरह के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड मिलते हैं। यहां सभी जगहों पर भाषा के बदलने के साथ साथ खाद्य पदार्थों के प्रकार भी बदलते जाते हैं और यहां के हर एक व्यंजनों की अपनी भी एक अलग परंपरा है।
कबाब
कबाब भुना हुआ और ग्रिल्ड स्वादिष्ट मांस कबाब है जो उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध है और ज्यादातर लोग इसे खाना पसंद करते हैं। इसमें सीक कबाब, शामी कबाब, बोटी कबाब आदि सहित कई किस्में हैं।
बिरयानी
खास मौकों पर खाई जाने वाली बिरयानी लोगों को खूब पसंद आती है जिसके सामग्री की बात करें तो इसे चावल, मीट, सब्जियों और मसालों से बनाया जाता है।
चाट
चाट सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में से एक है जिसे लोग उत्तर प्रदेश में चाव से खाते हैं और निश्चित रूप से इसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश में ही हुई है।
परांठे
यह भी एक प्रकार का नाश्ता है जिसे उत्तर प्रदेश के लोग बहुत पसंद करते हैं। परांठे को गेहूं, सब्जियों और अन्य चीजों से फ्लैटब्रेड के रूप में बनाया जाता है।
बाटी चोखा
यह भी यूपी के लोगों का एक प्रिय व्यंजन है जो उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य बिहार से संबंधित है और इसके स्वाद का जादू आपको हर तरफ देखने को मिलेगा। इसे आटे को गोल करके आंग में भुना जाता है और इसे आलू, टमाटर, बैंगन के साथ-साथ इत्यादि सामग्रियों को मिलाकर बनाया जाता है जिसे यहां के लोग चोखा कहते हैं।
हलवा
मीठा हलवा भी उन प्रसिद्ध व्यंजनों में शामिल है जो विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों जैसे गाजर, पपीता इत्यादि से बनता है।
पूरी कचौरी
सुबह की शुरुआत होते ही पूरी कचौरी यूपी वालों का खासकर बनारसी लोगों का यह एक खास स्ट्रीट फूड है जिससे लोग स्वाद लेकर खाना पसंद करते हैं और यह आपको हर एक जगह देखने को मिल जाएगी, यहां तक की गलियों में भी। अगर हम इसकी सामग्री के बारे में बात करें तो ये मसालेदार पकी हुई सब्जियों के साथ और तली हुई पुड़ियों के साथ परोसा जाता है।
समोसा
समोसा भी एक प्रकार का स्नैक होता है जिसे उत्तर प्रदेश के ज्यादातर लोग खाना पसंद करते हैं। यह एक डीप फ्राई स्नैक है जहां इसे मैदे में लपेटा जाता है और इसके अंदर मसालेदार आलू की डिश डालकर तेल में दीप फ्राई किया जाता है।
जलेबी
जैसा कि हम जानते हैं, कुछ तीखा खाने के बाद मीठा खाया जाता है, इसलिए उत्तर प्रदेश के लोग तीखा खाने के बाद जलेबी को मीठे के रूप में खाना पसंद करते हैं। यह भी मैदा से बना हुआ एक गहरा तला हुआ स्नैक होता है जिसे रसोइया तेल में तलकर चीनी के बने घोल में डाल देता है।
लस्सी
लस्सी भी एक लोकप्रिय मीठी दही और पानी का पेय पदार्थ है जिसे लोग मिट्टी के बने पुरवे में पीना पसंद करते हैं।