इतिहास से भी प्राचीन कहे जाने वाले शहर वाराणसी की खूबसूरती यहां की संस्कृति व रहन-सहन के अलावा यहां के स्मारकों से भी है। इन स्मारकों से जुड़ा यहां के लोगों का संबंध प्राचीन इतिहास की एक झलक मात्र है जो आपको यहां आने के बाद महसूस होगी और इसी संबंध को महसूस करने यहां भारत और विदेशों से काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं।
रघु राय कहते हैं कि, “जो चीज मुझे हमेशा आकर्षित करती है वह यह है कि कैसे लोग हमेशा अपने समय के ताने-बाने में कदम रखते हैं। वाराणसी में प्रत्येक अनुष्ठान लगभग समृद्धि और समग्री का त्योहार है और अपनी संकरी गलियों वाले रास्ते और ऊपर की मंजिलों तक ले जाने वाली सीढि़यां लगी रहती हैं जो अपने आप में एक कहानी बयां करती हैं।” अगर आप वाराणसी जैसी खूबसूरत और आध्यात्मिक जगह पर आने की सोच रहे हैं तो आपको ऐसे स्मारकों को भी जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए जिनमें से कुछ प्रसिद्ध स्मारकों का जिक्र हमने इस आर्टिकल में किया है।

10. सेंट मैरी चर्च
नंबर 10 पर हम ऐसे स्मारक की बात करने वाले हैं जो उत्तर भारत के एक मशहूर चर्च में शुमार है और इस चर्च का नाम सेंट मैरी चर्च है जिसका नाम अपने कभी न कभी सुना ही होगा। मंत्रमुग्ध कर देने वाली यह जगह ईसाइयों का एक प्रमुख पूजा स्थल है जो वाराणसी के रेलवे स्टेशन पर स्थित है जिसे यहां के लोग कैंटोंमेंट भी कहते हैं। ईसाइयों के अलावा यह स्मारक हिंदुओं और बाकी धर्मों का भी एक प्रमुख पर्यटक स्थल भी है जिसका शानदार आर्किटेक्चर इसे बाहर से और अंदर से काफी अद्भुत बनाता है और अंदर जाने पर आपको एक बड़ा दरवाजा मिलेगा, जहां अंदर की ओर आपको चारों तरफ वेंटिलेशन लगे हुए दिखाई देंगे। अगर आप इस अद्भुत शहर का लुफ्त उठाना चाहते हैं और आप इस चर्च को भी अपने जीवन में एक बार देखना चाहते हैं तो क्रिसमस का मौका आपके लिए बेहतरीन होगा, जहां उस मनोरम दिन आपको यहां का अदभुत नजारा अत्यधिक रोमांचित करेगा।
9. लाल खान का मकबरा
मुस्लिम मूर्तिकला के साथ-साथ हरे भरे पेड़ पौधों और फूलों से सुसज्जित यह शानदार लाल खान का मकबरा भी एक मशहूर पर्यटक स्थल की निशानी है जो अपने नाम के अनुसार काफी पुराना है जिसे 1773 में बनवाया गया था और साथ ही इसे गंगा नदी के किनारे बसे एक प्राचीन मकबरे के तौर पर जाना जाता है जो हिंदू और मुस्लिम की एकता को भी भली-भांति प्रदर्शित करता है।
8. रामनगर किला
तुलसी घाट के सामने स्थित रामनगर का यह किला दर्शाता है उस जमाने की याद को जब राजा बलवंत सिंह ने 1750 ईस्वी में इस किले का निर्माण मुगल शैली की वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए बनवाया था। यहां हर साल लाखों लोग इसकी सुंदरता को देखने और इसकी प्राचीनता को महसूस करने आते हैं। सिर्फ यही नहीं बल्कि इस किले के आंचल में ऐसे कई संग्रहालय हैं जिसे देखकर आपका भी मन मनमोहित हो जाएगा। इन संग्रहालय में एक विशाल खगोलीय घड़ी, अमेरिकी कारों के दुर्लभ संग्रह, मध्यकालीन वेशभूषा और हाथी दांत वर्क जैसे कई दुर्लभ चीजें सहेज कर रखी गई है। इसके अलावा रामनगर का व्यंजन और तमाम लोक कार्यक्रम भी काफी ज्यादा मशहूर है जिनकी गूंज भारत में हर तरफ सुनाई देती है।
7. औरंगजेब की मस्जिद
यह स्मारक भी प्रचलित जगहों में शुमार है जिसकी कहानी आपको इतिहास के पन्नों में देखने को मिल जाएगी और यह दुनिया भर में औरंगजेब की मस्जिद या आलमगीर मस्जिद नाम से विख्यात है। इस स्मारक के इतिहास में झांककर देखने पर पता चलता है कि इसका निर्माण औरंगजेब ने कराया था जो एक मुगल बादशाह थे। अगर आप वाराणसी में आने की सोच रहे हैं तो इस जगह को भी जरूर एक्सप्लोर करिए जहां आपको इस स्मारक के हर एक हिस्से में इतिहास की वह झलक देखने को मिलेगी जो सैकड़ों साल पुराना है और यह गंगा नदी के तट पर बसा एक विस्मरणीय और मनोरम स्मारक है।
6. धमेख स्तूप
यह स्मारक भी सारनाथ में काफी ज्यादा प्रसिद्ध है जिसकी कहानी राजा अशोक सम्राट के दौर की है। इस प्राचीन स्मारक की नींव 500 ईसवी में रखी गई थी, जहां 249 ईसा पूर्व इसके पुरानी संरचना को बदलकर भारत के महान राजा अशोक सम्राट द्वारा बनाया गया जो एक गोलाकार संरचना है और चारों ओर से पत्थरों से गिरा एक स्तूप के आकार का है इसीलिए इसे धमेख स्तूप भी कहते हैं। यही पर भगवान बुद्ध ने पहली बार अपना उपदेश अपने पांच शिष्यों के साथ दिया था जिसे “धर्मोपदेश” नाम से भी जाना जाता है।
5. चौखंडी स्तूप
सारनाथ में स्थिति यह स्मारक अपने प्राचीन इतिहास के साथ-साथ गौतम बुद्ध की यादों से भी संबंधित है जिसे चौखंडी स्तूप कहते हैं, जो एक टीले की संरचना के आकार का है और इसे गुप्त काल के दौरान बनाया गया था। ऐसा भी कहा जाता है कि 1532 ईस्वी में अकबर ने इस स्तूप के ऊपर अपने पिता हुमायूं की स्मृति के रूप में एक मीनार बनवाई थी।
4. अशोक स्तंभ
सम्राट अशोक के दौर में बनाए गए 17 मीटर लंबे इस अशोक स्तंभ के बारे में तो आपने बचपन से ही सुना होगा जिसे भारत का एक जाना पहचाना प्रतीक माना जाता है जो अशोक चक्र के तौर पर आपको भारत के प्रतिष्ठित ध्वज में भी देखने को मिल जाएगा। इस प्रतिष्ठित स्तंभ में आपको प्रतीक के तौर पर चार शेर का मुख और शरीर के नीचे वाले हिस्से पर अशोक चक्र दिखाई देगा और यह अशोक स्तंभ आपको सारनाथ में देखने को मिलेगा।
3. भारत माता मंदिर
अब बात करते हैं एक ऐसे स्मारक की जो भारत को समर्पित एक अद्भुत मंदिर है जिसमें कोई देवता नहीं बल्कि भारत का उकेरा हुआ नक्शा है जो संगमरमर के टुकड़ों से तराशा हुआ है और यह प्रतीक बाबू शिवप्रसाद नाम के स्वतंत्रता सेनानी की देन है जिन्होंने 1936 में इसे भारत का स्वरूप देकर धरती पर उकेरा था, जिसे महात्मा गांधी नामक महान व्यक्तित्व के हाथों से इस मंदिर का भव्य उद्घाटन किया गया था। इसे देखकर मानो ऐसा लगता है कि हम भारत का एक प्रभावशाली स्वरूप देख रहे हों।
2. नया विश्वनाथ मंदिर
सदियों से हिंदुओं की आस्था का प्रतीक बना हुआ यह धार्मिक स्मारक, जिसे यहां के लोग नया विश्वनाथ मंदिर के रूप में जानते हैं। इस प्राचीन मंदिर के दर पर ज्यादातर वह भक्त आते हैं जिनकी आस्था भगवान शिव में अपार है और साथ ही वाराणसी के हर एक गलियों में आपको महादेव अर्थात शिव का नाम जरूर लोगों की जुबान पर सुनाई देगा। यह आस्था का प्रतीक आपको बीएचयू के भीतर दिखाई देगा जो नया विश्वनाथ मंदिर नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर चारों ओर से हरियाली और भक्तिमय वातावरण से घिरा हुआ जिसकी झलक आपको दूर से ही देखने को मिल जाती है जहां आकर आपको एक अलग शांति की अनुभूति होगी।
1. काशी विश्वनाथ मंदिर
लोगों की आध्यात्मिक विरासत से परिपूर्ण यह मंदिर हिंदुओं के भगवान शिव को समर्पित है जिसे वाराणसी के सबसे पवित्र मंदिरों के साथ-साथ सबसे पुराने स्मारक के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि इसे अब मॉडिफाई करके और भी बड़े स्तर पर काफी सुंदर और अलौकिक रूप में बनाया गया है।
Diana L. Eck कहते हैं कि, “मेरी पहली बौद्धिक चुनौती भारत के इस अविश्वसनीय शहर बनारस (जिसे वाराणसी भी कहा जाता है) और हिंदुओं के लिए इसके अर्थ को समझने की कोशिश करना था। भारत में रहने के पहले वर्ष मैं यहीं पर था और मैं कई बार वापस आ चुका हूँ। यह मेरे लिए एक तरह का घर है।”
तो ये थे प्रचलित स्मारक जिनके बारे में हमने इस आर्टिकल में बताया और सिर्फ यही नहीं बल्कि इस अध्यात्मिक स्थल पर ऐसे और भी अदभुद स्मारक हैं जिनकी अपनी अपनी एक अलग कहानी हैं और उन्ही में से कुछ लोकप्रिय स्मारक Ganga Mahal Palace, Chet Singh Fort, Man Mandir Ghat, संकट मोचन हनुमान, बटुक भैरव मंदिर, नेपाली मंदिर, दुर्गा मंदिर, तिब्बती मंदिर, ज्ञानवापी कुआं, भारत कला भवन संग्रहालय, चीनी मंदिर, चुनार का किला इत्यादि हैं।